श्रद्धानंद प्रखंड में धूम धाम से मनाया अखण्ड भारत संकल्प दिवस
देव मणि शुक्ल
ब्यूरो प्रभारी
नोएडा श्रद्धानंद प्रखंड ने अखण्ड भारत संकल्प दिवस बडे धूमधाम से मनाया। कार्यक्रम मे मुख्य बक्ता के रूप में विश्व हिंदू परिषद नोएडा महानगर के अध्यक्ष लाल मणि पान्डेय मौजूद रहे।
अध्यक्ष ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि जिन आंखों ने भारत को भूमि से अधिक माता के रूप में देखा हो, जो स्वयं को इसका पुत्र मानता हो, जो प्रात:काल उठकर - "समुद्रवसने देवी पर्वतस्तन मंडले, विष्णुपत्नि नमस्तुभ्यम् पादस्पर्शं क्षमस्वमे." कहकर उसकी रज को माथे से लगाता हो, वन्देमातरम जिनका राष्ट्रघोष और राष्ट्रगान हो, ऐसे असंख्य अंत:करण मातृभूमि के विभाजन की वेदना को कैसे भूल सकते हैं, अखण्ड भारत के संकल्प को कैसे त्याग सकते हैं?
अखंड भारत का संकल्प एक विचार नहीं वरन अडिग संकल्प हैं, हिन्दुओ की भीषण प्रतिज्ञा हैं, सदा प्रेरणा देने वाला स्वप्न हैं, भारत के उन राष्ट्रभक्त महान क्रांतिकारियों का जिन्होंने देश को पराधीनता से मुक्ति दिलाने के लिए हँसते हुए फाँसी के फंदे को चूम लिया।
अपना सर्वस्व मातृभूमि पर न्योछावर कर दिया। माँ भारती को सिर्फ मानचित्र व भौगोलिक धरातल मानकर पैमाने पर उसको दो टुकड़ों में बाँटने का कार्य सत्ता के नशे में मदहोश लोगों के इशारे पर 14 अगस्त सन 1947 की मध्य रात्रि को किया, भारत के विभाजन से पूर्व महात्मा गाँधी ने कहा था - "भारत माँ का विभाजन यदि होगा तो वह मेरी लाश के दो टुकड़ों पर होगा" लेकिन माँ भारती के कलेजे के दो टुकडे कर दिये गये, दो हिस्सों में विभाजित माँ भारती की चीख को शायद ही कोई महसूस कर पाया होगा।
15 अगस्त 1947 को महर्षि अरविन्द ने कहा था - "नियति ने भारत को एक राष्ट्र के रूप में बनाया है, ये विभाजन अस्थायी है। देश के नागरिकों को संकल्प लेना चाहिए की चाहे जैसे भी हो और कोई भी रास्ता क्यों न अपनाना पड़े, अब विभाजन को समाप्त कर पुनः अखंड भारत का निर्माण होना ही चाहिए।
विनायक दामोदर 'वीर' सावरकर ने कहा था कि "मुझे स्वराज्य प्राप्ति की खुशी है, परंतु इसका दुख है कि वह खंण्डित है। देश की सीमाये नदी पहाडो या संधि-पत्रो से निर्धारित नहीं होती, वे देश के नवयुवको के शोर्य, धैर्य, त्याग एवं पराक्रम से निर्धारित होती हैं।
आज फिर माँ भारती अपने वीर पुत्रों को पुकार रही हैं, माँ भारती को पुन: परम वैभव के साथ अखंडता का मुकुट उसके माथे पर विराजमान करना आज हमारा परम कर्तव्य हैं। हमें भारत की अखण्डता के संकल्प को पूर्ण करना हैं, आओ हम सब मिलकर संकल्पबद्व हो, भारत माता को पुन: अखंड करने में तथा भारत माँ को पुन: अखंडता के शिखर पर विराजमान करे।
अतः हम सब को आज १४ अगस्त को इस बात का संकल्प लेना होगा की इस प्राचीन राष्ट्र को पुनः अपना खोया हुआ गौरव प्राप्त कराने और एक संगठित, समृद्ध, शक्तिशाली, सामर्थ्यवान राष्ट्र का लक्ष्य प्राप्त करने की दिशा में आगे बढ़ाना ही हमारी नियति है, जिसे अपने पुरुषार्थ से हमें प्राप्त करना है।
कार्यक्रम में विश्व हिंदू परिषद नोएडा महानगर के मंत्री विवेक मिश्र , विशेष संपर्क प्रमुख सुधीर , विभाग संयोजक बजरंग दल ललित भाईसाहब, कार्यक्रम अध्यक्ष बृजेश त्यागी, श्रद्धानंद प्रखंड अध्यक्ष विष्णु शर्मा प्रखंड मंत्री निमिष ,प्रखंड मातृ शक्ति संयोजिका बहन दीक्षा प्रखंड संयोजक सूरज , पंकज , वलकेश ,रोहित, देश दीपक,लोकेश शर्मा, राजेश पाठक, राहुल, प्रदीप, नंद किशोर सोलंकी, मुकेश रावत व सैकड़ो की तादाद में हिन्दू कार्यकर्ताओं की सहभागिता रही।
जय श्री राम
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