ध्रुव एवं प्रह्लाद चरित्र की कथा का किया वर्णन



आज की खबर 
देव मणि शुक्ल 

नोएडा सेक्टर 82 के पॉकेट 7 में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन कथा व्यास पुष्कर कृष्ण जी महाराज ने ध्रुव चरित्र, प्रहलाद चरित्र एवं वामन अवतार का रोचक वर्णन किया। मनु और शतरूपा के दो पुत्र हुए और तीन पुत्रियां। पुत्रों के नाम प्रियव्रत और उत्तानपाद। राजा उत्तानपाद की दो रानियां हैं एक का नाम सुरुचि और दूसरी का नाम सुनीति है। राजा सुरुचि को अधिक प्यार करते हैं जिनके पुत्र का नाम उत्तम है और सुनीति के पुत्र का नाम ध्रुव है। बालक ध्रुव एक बार पिता की गोद में बैठने की जिद करने लगता है लेकिन सुरुचि उसे पिता की गोद में बैठने नहीं देती है। ध्रुव रोता हुआ मां सुनीति को सारी बात बताता है , मां की आंखों में आंसू आ जाते हैं और वह ध्रुव को भगवान की शरण में जाने को कहती हैं। पांच वर्ष का बालक ध्रुव राज्य छोड़कर वन में तपस्या के लिए चला जाता है। नारद जी रास्ते में मिलते हैं और ध्रुव को समझाते हैं कि मैं तुम्हें पिता की गोद में बैठाउँगा लेकिन ध्रुव ने कहा कि पिता की नहीं अब परम पिता की गोद में बैठना है। कठिन तपस्या से भगवान प्रसन्न हो वरदान देते हैं । भक्त प्रह्लाद की कथा सुनाते हुए व्यास जी ने कहा कि पिता अगर कुमार्ग पर चले तो पुत्र का कर्तव्य है उसे सही मार्ग पर लाए। तमाम विपरीत परिस्थितियों के बाबजूद प्रह्लाद ने भक्ति का मार्ग नहीं छोड़ा। भगवान ने नरसिंह रूप में अवतार लेकर हिरण्यकश्यप का वध कर अपने परमधाम को पंहुचाया। 30 नवंबर दिन बुधवार को श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मनाया जाएगा। इस अवसर पर राघवेंद्र दुबे, एनके सोलंकी, रवि राघव, मुकेश रावत,आर पी सिह, राकेश शर्मा  रमेश चंद शर्मा, अमितेश सिंह, प्रमोद श्रीवास्तव,  राकेश कुमार, अंगद सिंह तोमर, विष्णु शर्मा,  बृज किशोर सिंह, मुन्ना चौधरी, एसके तिवारी, सुशील पाल, शिव व्रत तिवारी,  संजय शुक्ला, रमेश चंद्र दास, एसके अग्रवाल, सुभाष शर्मा, रमेश वर्मा, गिरिराज जी सहित भारी संख्या में महिलाएं मौजूद रही।

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