संस्कृति के मामले में भारत दुनिया का सिरमौर - आचार्य महेन्द्र उपाध्याय महाराज
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देव मणि शुक्ल
नोएडा आचार्य महेंद्र उपाध्याय ने कहा, भारत जैसी जीवन पद्धति दुनिया के किसी भी देश में नहीं है। देश का हर एक कोना उसी जीवन पद्धति या संस्कृति का प्रतिनिधित्व करता है। देश के हर समाज में यही व्यवस्था है कि पुत्र हमेशा पिता का सम्मान करेगा। पिता पुत्र को प्रेम करेगा। समाज के हर तबके में भक्ति को विशेष स्थान प्राप्त है।
नोएडा के सेक्टर 49 स्थित बरौला की नत्थू कॉलोनी के शिव मंदिर प्रांगण में श्रीमद्भागवत कथा का विवेचन कर रहे थे। इससे पहले, सुबह कॉलोनी में भव्य कलश यात्रा निकाली गई और हवन यज्ञ किया गया। विधिवत पूजन के बाद अपरान्ह तीन बजे कथा शुरू हुई।
भगवान के भक्त संगीतमय भजनों के साथ झूमते नजर आए। कथा के आयोजन से क्षेत्र के लोगों में उल्लास है। कथा स्थल पर जो लोग नहीं पहुंच पाए, उन्होंने यूट्यब चैनल पर कथा का आनंद लिया। कथा को इंफोपोस्ट न्यूज चैनल पर लाइव प्रसारित किया जा रहा है।
आचार्य जी ने कहा, कथा परंपरा भगवान की चर्चा का एक माध्यम है। इसी के बहाने भक्ति की भावना का प्रसार हो पाता है। कथा के पात्रों से हमें जीवन जीने का तरीका सीखने को मिलता है। अपने जीवन में भी हम किसी न किसी किरदार की भूमिका निभाते हैं। कथाएं हमें अपनी भूमिका ठीक से निभाने की प्रेरणा देती हैं।
पहले दिन की कथा के समापन अवसर पर सुमधुर भक्तिमय गीत संगीत की धारा प्रवाहित होती रही। श्रोताओं और पंडितों ने मिल कर भगवान की आरती की। सर्वसम्मति से तय किया गया कि अगली कथा के शुभारंभ का समय दोपहर दो बजे रहेगा, जिसे यूट्यूब चैनल पर भी लाइव देखा जा सकेगा।
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