डा एट होम ने मरीजों के लिए लाॅन्च किया स्वास्थ्य सेवा प्लेटफाॅर्म


आज़ की खबर 
देव मणि शुक्ल

नोएडा की हेल्थ-टेक स्टार्टअप कंपनी डाॅ एट होम ने 27 फरवरी को एक नये स्वास्थ्य सेवा प्लेटफाॅर्म को लॉन्च किया, जो एक मरीज को अपने घर के माहौल और सहूलियत के बीच उच्च-गुणवत्ता के साथ स्वास्थ्य संबंधी बुनियादी जानकारी और डाॅक्टरी सलाह प्रदान करता है।
यह प्लेटफॉर्म रोगियों को चिकित्सा पेशेवरों और चिकित्सा सुविधाओं के साथ रीयल-टाइम पर जोड़ता है. इससे मरीज को घर बैठे चिकित्सा सलाह और सुविधा दोनों उपलब्ध हो जाते हैं। इस सुविधा की मदद से रोगी के लिए स्वास्थ्य सेवाएं उसके घर में सुलभ हो जाती हैं, जिससे मरीजों को काफी आराम होता है।
डाॅ एट होम  के संस्थापक और डायरेक्टर शैलेंद्र सिन्हा ने बताया कि कोरोना महामारी के बाद से मरीज चिकित्सकों से आनलाइन परामर्श खूब लेते हैं। लेकिन इस परामर्श की गुणवत्ता पर सवाल उठाये जाते रहे हैं, क्योंकि इस परामर्श का कोई डेटा उपलब्ध नहीं होता है। लेकिन डाॅ एट होम ने इस समस्या का निराकरण कर दिया है।
इस प्लेटफॉर्म की मदद से मरीज आनलाइन सुविधा के जरिये अपने पसंद के डाॅक्टर से सलाह ले सकते हैं। डाॅक्टर और मरीज की सुविधा के लिए एक नर्स भी उपलब्ध होती है। जो डाॅक्टर को मरीज के हार्टबीट, ब्लड प्रेशर, आक्सीनज लेवल की जानकारी उपलब्ध कराती है। इतना ही नहीं इस प्लेटफाॅर्म पर मरीजों को ईसीजी की सुविधा भी उपलब्ध करायी जाती है। इस प्लेटफाॅर्म के जरिये मरीज को सबसे पहले अपने पसंद के डाॅक्टर से अपाॅइटमेंट दिलाया जाता है। उसके बाद मरीज की सुविधा अनुसार या तो केयर वैन में या फिर उसके घर पर जांच सुविधा उपलब्ध करायी जाती है।
इस प्लेटफाॅर्म पर लाइव इंट्राओरल कैमरे की मदद रोगी के शरीर का सूक्ष्म निरीक्षण भी संभव है। साथ ही मरीज के केयरटेकर भी इस प्लेटफाॅर्म पर जुड़कर उसके स्वास्थ्य की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं और डाॅक्टर से परामर्श कर सकते हैं। चूंकि इस प्लेटफॉर्म के जरिये मरीज का डिजिटल रिकॉर्ड एकत्र किया जाता है इसलिए डाॅक्टरी परामर्श के साथ ही उसे तमाम रिपोर्ट पर भी बात की जा सकती है।
डाॅ एट होम  के संस्थापक और डायरेक्टर शैलेंद्र सिन्हा ने बताया कि मरीजों को ये तमाम सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए कंपनी ने एक मशीन, सॉफ्टवेयर और एक एप्लीकेशन बनाया है, जिसे एक वैन और बाइक सर्विस के साथ जोड़ा गया है। मरीज की जांच के वक्त इन तमाम उपकरण का इस्तेमाल प्रशिक्षित और योग्य लोगों द्वारा किया जाता है। उन्होंने बताया कि हमने 'ए सिस्टम एंड ए मेथड फॉर रिमोट मेडिकल असिस्टेंस इन रीयल-टाइम' के पेटेंट के लिए अप्लाई किया है और इसे प्रकाशित भी किया है।
डाॅ एट होम  के इस प्लेटफाॅर्म के बारे में एकेडमी ऑफ फैमिली फिजिशियन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष डॉ रमन कुमार ने कहा कि कोविड महामारी के बाद से टेलीमेडिसिन हेल्थकेयर डिलीवरी के लिए एक महत्वपूर्ण माध्यम बन गया है. इस प्लेटफाॅर्म के माध्यम से डाॅक्टर और मरीज त्वरित और प्रभावी संवाद कर सकते हैं और मरीजों को अविलंब सलाह मिल सकती है।
डाॅ कुमार ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से संचालित एनालिटिक्स, टूल और मशीनों की मदद से स्वास्थ्य सेवा प्रदाता मरीजों को ज्यादा सटीक सलाह और इलाज उपलब्ध करा सकते हैं‌।भविष्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा मरीजों के इलाज में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।
डाक्टर एट होम की यह सेवाएं अभी नोएडा, गाजियाबाद, एनसीआर और ग्रेटर नोएडा में उपलब्ध है।  शैलेंद्र सिन्हा ने बताया कि हमारा उद्देश्य फिलहाल इन शहरों में मरीजों और डाॅक्टरों को आपस में जोड़कर स्वास्थ्य सुविधा को बेहतर बनाना है। हम इस प्लेटफाॅर्म को चरणबद्ध तरीके से अन्य शहरों तक भी लेकर जायेंगे। लेकिन फिलहाल हमारी योजना इस प्लेटफाॅर्म के जरिये मरीजों को गुणवत्ता पूर्ण इलाज उपलब्ध कराना है, ताकि मरीज संतुष्ट हो सके।

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