श्री शिव महापुराण में सती जन्म की कथा सुनाई
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देव मणि शुक्ल
नोएडा सेक्टर 82 स्थित प्राचीन तपोभूमि ब्रम्हचारी कुटी में आयोजित श्री शिव महापुराण एवं रुद्र महायज्ञ के तृतीय दिवस कथा व्यास महेश पाठक शास्त्री जी महाराज ने सती जन्म कथा का रोचक प्रसंग सुनाया। उन्होंने बताया कि दक्ष प्रजापति के कई पुत्रियां थीं और सभी रूपवान और गुणवान थीं लेकिन राजा दक्ष चाहते थे कि उनकी एक ऐसी पुत्री हो जो सर्व शक्ति संपन्न हो। राजा दक्ष ने घोर तप किया और दक्ष के तप से मां भगवती प्रसन्न हो गईं। दर्शन देकर मां भगवती ने कहा कि वह स्वयं तुम्हारे यहां पुत्री रूप में जन्म लूंगी , मेरा नाम सती होगा। सती के रूप में स्वयं मां भगवती ने दक्ष के यहां जन्म लिया। दक्ष के राज्य में चारों ओर मंगल ही मंगल होने लगे। प्रातः यज्ञाचार्य मनोहर शास्त्री एवं उप यज्ञाचार्य सुमित तिवारी ने विद्वान ब्राह्मणों के साथ रुद्र महायज्ञ में रुद्राभिषेक एवं आहुतियां डलवाकर यज्ञ कराया। आयोजन समिति के सदस्य राघवेंद्र दुबे ने बताया कि 24 अप्रैल को शिव पार्वती विवाह आदि प्रसंगों का कथा व्यास द्वारा वर्णन किया जाएगा। इस अवसर पर आयोजन समिति के सदस्य राघवेंद्र दुबे, कुटी व्यवस्थापक विकास भारती, मंगू त्यागी, राज कुमार त्यागी, फलाहारी महाराज, देवेंद्र गुप्ता , एन के सोलंकी, पंडित अखिल पांडेय, रवि राघव, अजय श्रीवास्तव,अशोक कुमार, अमितेश सिंह, बृज किशोर, संतोष तिवारी, राजवीर सिंह, गुरुमेल सिंह, परदेशी, आदेश त्यागी,बाबा हलवाई सहित तमाम लोग मौजूद रहे।
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