मंदिरों में भीड़ सड़कों पर तूफान चाहिए, हमें तो राम से भरा हिंदुस्तान चाहिए
तीन दिवसीय कथा के दूसरे दिन दिव्य दरबार के दौरान खासा भीड़ रही


तीन दिवसीय कथा के दूसरे दिन दिव्य दरबार के दौरान खासा भीड़ रही। दिव्य दरबार में तमाम श्रद्धालुओं की समस्या का समाधान किया गया। भीड़ पर नियंत्रण करने के लिए सेवादारों के साथ-साथ पुलिस के भी खासा इंतजाम रहे। आयोजकों द्वारा सुरक्षा के दृष्टिकोण से व्यापक प्रबंध किए गए हैं। इस मौके उन्होंने कहा कि मैं जो करता अथवा बोलता हूं वह हनुमान जी एवं सन्यासी बाबा की प्रेरणा से सम्भव हो पाता है, इसमें मेरा कुछ भी नहीं है। जब मेरे लिये यह सम्भव है तो आपको भी वहां पहुंच कर बागेश्वरधाम बालाजी की कृपा का पात्र बन जाना चाहिये। उन्होने यह भी कहा कि पर्चा तो बहाना हमें तो आपको उनके प्रताप के बल पर राम का बनाना है।
दिव्य दरबार के उपरांत हनुमंत कथा का श्रद्धालुओं ने श्रवण किया। आचार्यश्री ने हनुमान जी की अष्ट सिद्धियों का वर्णन करते हुए हनुमान जी का गुणगान किया। हनुमान जी के रोचक प्रसंग सुनकर आए श्रद्धालु आनंदित होकर नाचने बाजू में लगे। सोमवार को हनुमंत कथा का समापन किया जाएगा। कथा में बिहार के पटना कथा का वर्णन करते हुए राममय होने की बात भी कही। दूसरे दिन की कथा में चौथी सिद्धि तक वर्णन किया गया।
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