विश्व मानवता के कल्याण का माध्यम है योग


आज की खबर 
देव मणि शुक्ल 

नोएडा योग विश्व मानवता के कल्याण के लिए दिया गया एक उपहार व माध्यम है। भारतीय ऋषि परंपरा से प्राप्त यह ऐसी विधा है जो शरीर और मस्तिष्क दोनों को स्वस्थ रखती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में योग की महत्ता को अंगीकार कर आज दुनिया के लगभग दो सौ देश अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर योग के विभिन्न कार्यक्रमों के साथ जुड़कर भारत की ऋषि परंपरा के प्रति अपनी कृतज्ञता ज्ञापित कर रहे हैं। 
इसी क्रम में नोएडा सेक्टर 82 में 9 वा अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया।
भारत ऐसे ही विश्व गुरु नहीं हुआ। यहां जो कुछ भी है वह व्यवहारिक है, पहले से प्रमाणित है। और, योग भी उसी परंपरा का हिस्सा है।  हजारों वर्षों की भारतीय मनीषा की परंपरा योग हम सबकी विरासत का हिस्सा है। हमें योग की विरासत पर गौरव की अनुभूति होनी चाहिए। हजारों वर्षों से जिस योग को हम अपने जीवन का हिस्सा मानते रहे हैं, वह आज वैश्विक मंच पर छाता हुआ पूरी दुनिया को अपनी और आकर्षित करता हुआ दिखाई दे रहा है।ऐ हमारी परंपरा शरीर को धर्म का साधन मानती है। 'शरीर माध्यम खलु धर्म साधनम्'। किसी भी क्षेत्र का व्यक्ति चाहे वह नौकरशाह हो, उद्योगपति हो या फिर किसान-मजदूर, अपना कार्य अच्छे से तभी कर पाएगा जब उसका शरीर स्वस्थ होगा। स्वस्थ शरीर के लिए स्वस्थ मस्तिष्क भी आवश्यक है। सामान्यतः शारीरिक स्वास्थ्य के लिए हम लोग व्यायाम या एक्सरसाइज कर लेते हैं। पर, शारीरिक स्वास्थ्य के साथ मानसिक स्वास्थ्य भी चाहिए। योग ऐसी विधा है जो स्वस्थ शरीर के साथ हमें स्वस्थ मस्तिष्क भी देती है। 
इस अवसर पर राजवीर सिंह, महेन्द्र शर्मा, रवि राघव, अंगद सिंह तोमर, संजय पाण्डेय, गोरे लाल, हरि शंकर सिंह, धर्मेन्द्र सिंह, विनय त्रिवेदी ,दीपक तिवारी, रमेश चंद्र शर्मा, एस के तिवारी, अरविन्द सिंह, बिजेंद्र सिंह,आलोक तिवारी,  श्रीमती संतोष सिंह आदि उपस्थित रहे।

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