लापरवाह बने नोएडा के अफसरों को जगाने सड़क पर उतरे व्यापारी, 48 घंटे की दी मोहलत


लापरवाह बने नोएडा के अफसरों को जगाने सड़क पर उतरे व्यापारी, 48 घंटे की दी मोहलत

 

आज की खबर


देव मणि शुक्ल 


नोएडा डीएससी रोड (दादरी-सूरजपुर-छलेरा) पर बन रहे भंगेल एलिवेटेड रोड का काम बजट न होने के कारण ठप पड़ा हुआ है। इससे सबसे ज्यादा नुकसान भंगेल के व्यापारियों को हो रहा है। व्यापारी अधूरे पड़े एलिवेटेड रोड के कारण दुकानदारी नहीं कर पा रहे हैं। उनका कहना है कि नोएडा अथॉरिटी की लापरवाही के कारण उन्हें हर महीने लाखों रुपए का नुकसान झेलना पड़ रहा है। इस वजह से शुक्रवार को भंगेल सलारपुर व्यापार मंडल की तरफ से धरना दिया गया। आपको बता दें कि इस निर्माण को पूरा करने के लिए सेतु निगम ने 150 करोड़ रुपये की अतिरिक्त डिमांड की है। इस फ्लाईओवर का काम ठप होने से कई सवाल उठ रहे हैं।

धरना देने को मजबूर : व्यापारी

व्यापार मंडल के अध्यक्ष मनोज गोयल ने बताया कि कई बार व्यापारियों की तरफ से नोएडा अथॉरिटी के अधिकारियों को यहां की समस्याओं से अवगत करवाया जा चुका है। जिलाधिकारी को भी पत्र लिखा गया है, लेकिन काफी दिन बीत जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई है। मजबूरन उन्हें व्यापारियों के साथ धरना देना पड़ रहा है। व्यापारियों ने धरना प्रदर्शन के दौरान अथॉरिटी के डीजीएम श्रीपाल भाटी को ज्ञापन सौंपा है।
व्यापारियों की मांग

व्यापारियों की मांग है कि बंद पड़े एलिवेटेड रोड का निर्माण आगे होता रहेगा, लेकिन उससे पहले एलिवेटेड रोड के नीचे की सड़कों को साफ किया जाए। अवैध रेहड़ी-पटरी वालों को दूसरी जगह शिफ्ट किया जाए। सड़कों पर बने गड्ढों को भरा जाए, जिससे एलिवेटेड रोड के नीचे का रास्ता शुरू हो सके। व्यापारियों ने नोएडा अथॉरिटी के अधिकारियों को 48 घंटे की मोहल्ला दी है। वरना दोबारा व्यापारी संगठन सड़क पर उतरकर अथॉरिटी के खिलाफ धरना देगा। वहीं, इस मामले में डीजीएम श्रीपाल भाटी का कहना है कि व्यापारियों की समस्याओं से उच्च अधिकारियों को अवगत करवाया जाएगा। कल से एलिवेटेड रोड के नीचे वाली सड़कों पर अवैध अतिक्रमण ​हटाने और गड्ढे भरने का काम शुरू करा दिया जाएगा।

जरूरत पड़ने पर बड़ा आंदोलन

व्यापारियों का कहना है कि भंगेल एलिवेटेड रोड प्रोजेक्ट में लगातार हो रही देरी से भंगेल, सलारपुर, बरौला समेत ग्रामीण मार्केटों को भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है। भंगेल शहर की दूसरी सबसे बड़ी ग्रामीण मार्केट है। जिस पर दर्जनों गांव के लोग निर्भर हैं। इसका निर्माण समय-समय पर सुस्त पड़ जाता है। अथॉरिटी में बार-बार शिकायत करने के बाद भी किसी एक अधिकारी को प्रोजेक्ट से हटाकर पल्ला झाड़ लिया जाता है। व्यापारियों ने कहा कि यदि काम में तेजी नहीं आई तो प्राधिकरण के खिलाफ व्यापक आंदोलन छेड़ा जाएगा।

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