स्कूलों से घर तक पहुंच रहा है आईफ्लू




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देव मणि शुक्ल 

नोएडा। दिल्ली के बाद नोएडा में भी आई फ्लू का प्रकोप बढ रहा है। जिला अस्पताल में अब तक ढ़ाई सै से अधिक मरीज इलाज के लिए पहुंच चुके हैं। ओपीडी के बाहर लंबी लाइन लगी हुई है। शहर के शिक्षण संस्थानों में आई फ्लू का प्रकोप दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। नोएडा के सरकारी और निजी स्कूलों में काफी संख्या में बच्चे आई फ्लू की चपेट में आ रहे हैं। स्कूलो में 20 से 30 बच्चों की आंख में आई फ्लू के केस देखने को मिल रहे हैं। अब स्कूलों से घर तक आई फ्लू पहुंचना शुरू हो चुका है। तमाम घरों में पूरे परिवार के सदस्यों को आई फ्लू हो चुका है। अधिकांश लोग आईकैप का इस्तेमाल कर घरेलू इलाज कर रहे हैं और ठीक भी हो रहे हैं। बढ़ते आई फ्लू के प्रकोप के बाद भी शिक्षा विभाग और स्वास्थ्य विभाग अनजान बना हुआ है। कई स्कूलों में तबीयत खराब होने के बाद भी बच्चों को कक्षाओं में शिक्षक बैठाए हुए दिखाई दिए हैं।

सैक्टर 12 के भाऊराव देवरस सरस्वती विद्या मंदिर में कई बच्चों में आई फ्लू के लक्षण मिले हैं। इसी तरह नोएडा कम्पोजिट स्कूल 12-22 में भी आठ बच्चों की आंख में दिक्कत होने और लालपन होने पर घर भेजा गया। सरकारी स्कूल घंघौला में शनिवार तक एक से दो बच्चों में यह फ्लू था। सोमवार को करीब 30 बच्चों को घर भेजा गया। उधर, उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ मेरठ मंडल के अध्यक्ष मेघराज भाटी का कहना है कि कई स्कूलों में बच्चों में आई फ्लू की शिकायत मिली है। तुगलपुर प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूल से करीब 15 से अधिक बच्चे फ्लू की चपेट में आए हैं।

शिक्षा विभाग अनदेखी कर रहा है। जिले के कई प्राइवेट स्कूलों में भी आई फ्लू के केस मिल रहे हैं। ऐसे में बच्चों को एहतियात के तौर पर घर पर ही रहने की सलाह दी है। डॅाक्टरों के मुताबिक आई फ्लू फैलने कारण गंदे पानी में नहाने या फिर लंबे समय तक पसीने में काम करने से आंखों में इंफेक्शन होता है। इसके लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। आईफ्लू को मेडिकल भाषा में पिंक आई और कंजंक्टिवाइटिस भी कहा जाता है।

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