सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

सेक्टर 82 पाकेट 7 से पकडा गया हत्यारा, चावल के बोरे में मिले लूट के लाखों रूपये


ग्रेटर नोएडा के थाना ईकोटेक-3 क्षेत्र के पुराने सुत्याने में सरस्वती एन्क्लेव में रहने वाले डा. सुदर्शन बैरागी के घर लूट करने और उनकी की बेटी का हत्यारा उनका पड़ोसी ही निकला। इस पड़ोसी का नाम प्रदीप विश्वास है। यह हत्या करने वाला प्रदीप मूल रुप से मेरठ जिले के हस्तिनापुर का रहने वाला है। इन दिनों प्रदीप नोएडा के सेक्टर 82 में स्थित पॉकेट 7 के मकान नंबर 32/21 में रह रहा था। वह डा सुदर्शन बैरागी से बहुत अच्छे से परिचित तो था ही उसका डाक्टर के घर आना जाना भी लगा रहता था।

लूट व हत्या की वारदात से पहले जब डा बैरागी अपनी पत्नी के साथ क्लीनिक पर जा रहे थे। तब प्रदीप उन्हें रास्ते में मिला था और उसने पूछा था कि आप कहां जा रहे हैं ? उसने यह भी पूछा था कि घर पर कौन है ? यह पूरी बात डाक्टर बैरागी ने पुलिस को बताई थी। इसी के आधार पर पुलिस ने प्रदीप को हिरासत में लिया था।

डीसीपी सेंट्रल अनिल कुमार यादव बयां कि पूरी कहानी

ग्रेटर नोएडा मर्डर केस में पुलिस ने कड़ियां जोड़ते हुए पूरी वारदात का खुलासा किया है। डीसीपी सेंट्रल अनिल कुमार यादव ने बताया कि सरस्वती एन्क्लेव में रहने वाले डाक्टर सुदर्शन बैरागी की 14 वर्षीय बेटी की हत्या व लूट के बाद प्रदीप विश्वास को हिरासत में ले लिया गया है। इस हत्यारे व लुटेरे ने पुलिस हिरासत से भागने का प्रयास किया तो पुलिस को गोली चलानी पड़ी। गोली प्रदीप के पैर में लगी है। घायल अवस्था में ही उसे गिरफ्तार किया गया है।नोएडा कमिश्नरी पुलिस के डीसीसी सेंट्रल जोन अनिल कुमार यादव ने बताया कि प्रदीप को हिरासत में लेकर पुलिस की टीम ने उसके सेक्टर 82 स्थित घर में तलाशी लेने गई थी।

इस तलाशी में चावल के बोरे से पुलिस को 7,58,300 रुपये बरामद हुए। रुपये बरामद करने के बाद पुलिस आरोपी प्रदीप के साथ कुलेसरा पुस्ता के पास पहुँची तो आरोपी ने शौचक्रिया का बहाना बनाकर गाड़ी को रुकवाया। इसी बीच प्रदीप ने पेशाब कराने साथ गये पुलिसकर्मी का सरकारी पिस्टल छिनकर भागने का प्रयास किया। इस प्रयास के जवाब में पुलिस ने भी फायरिंग कर दी। जिससे पुलिस की गोली प्रदीप के सीधे पैर में लगी। गोली लगते ही उसे घायल अवस्था में ही गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस के लिए इस वारदात का खुलासा एक बड़ी कामयाबी की तरह देखा जा रहा है। क्योकि चंद घंटों में ही पुलिस ने इसका खुलासा कर दिया है।

टिप्पणियाँ

  1. पॉकेट 7 में किसके माध्यम से आया था इसकी जाँच होनी चाहिए

    जवाब देंहटाएं
    उत्तर
    1. पुलिस प्रशासन सब कर रहे है।

      हटाएं
    2. सारी जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन की है आर डब्ल्यू ए की कोई जिम्मेदारी नहीं है क्या।

      हटाएं
  2. मकान मालिक ने इसका पुलिस वेरिफिकेशन कराया था या नहीं, इसकी भी जांच होनी चाहिए

    जवाब देंहटाएं
  3. जांच में यहां बहुत लोग फ्रॉड पाए जाएंगे

    जवाब देंहटाएं
  4. Kuch makan Malik bhi froud hai ,lol , मकान मालिक ने इसका पुलिस वेरिफिकेशन कराया था या नहीं, इसकी भी जांच होनी चाहिए

    जवाब देंहटाएं

एक टिप्पणी भेजें

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

बी डी इंटरनेशनल स्कूल में दसवीं के छात्रों की विदाई समारोह सम्पन्न

यमुना नदी डूब क्षेत्र के जरूरतमंदों के लिए नेकी का डब्बा फाउंडेशन का सहयोगी अभियान सफल

पाकेट 7 सेक्टर 82 में कुत्तों का आतंक