भारतीय वाल्मीकि धर्म समाज ( भावाधस ) ने किया संगोष्ठी का आयोजन
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देव मणि शुक्ल
नोएडा भारतीय वाल्मीकि धर्म समाज ( भावाधस ) द्वारा सेक्टर 34 स्थित मोरना बारात घर में महर्षि वाल्मीकि जी के जीवन दर्शन पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का संयोजन पश्चिमी उत्तरप्रदेश के पूर्व अध्यक्ष मुकेश प्रधान द्वारा किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ एसीपी सुशील कुमार एवं भावाधस के सर्वोच्च निदेशक स्वामी चंद्र पाल अनार्य द्वारा दीप प्रज्वलन एवं महर्षि वाल्मीकि जी व बाबा साहेब डॉ भीमराव अंबेडकर पर पुष्प अर्पित कर किया गया। इस अवसर पर भावाधस के सर्वोच्च निदेशक स्वामी चंद्र पाल अनार्य ने बोलते हुए कहा कि वाल्मीकि समाज को महर्षि वाल्मीकि जी से प्रेरणा लेनी चाहिए जिन्होंने अपने ज्ञान के प्रकाश से पूरे विश्व को आलोकित किया। बाल्मीकि समाज को शिक्षा की अति आवश्यकता है। जब तक समाज शिक्षित नहीं होगा तब तक वह अपने अधिकारों को नहीं जानेगा। भावाधस का उद्देश्य वाल्मीकि समाज से अज्ञानता, पाखंड को दूर कर उन्हें शिक्षा की तरफ प्रेरित करना है। इस अवसर पर एसीपी सुशील कुमार ने कहा कि शिक्षा सभी के लिए महत्वपूर्ण है। शिक्षित व्यक्ति बड़े बड़े मुकाम को हासिल कर लेता है। शिक्षा ही हमें सही गलत की पहचान करवाती है। अज्ञानता का अंधेरा शिक्षा के प्रकाश से ही दूर किया जा सकता है। भवाधस के प्रदेश अध्यक्ष अरविंद सूद ने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश समाज को जाग्रत करना है। हमारा समाज सबसे ज्यादा गरीब है, अशिक्षित है और नारकीय जीवन जीने को मजबूर है। पश्चिमी उत्तरप्रदेश के पूर्व अध्यक्ष मुकेश प्रधान ने कहा कि वाल्मीकि समाज बंटा हुआ है जिसे एकजुट करने की आवश्यकता है। हमारा समाज अशिक्षा की वजह से आज तक अपने अधिकारों से वंचित है। समाज में लगातार जागरूकता अभियान चलाकर पुरानी सोच को बदला जा सकता है। इस अवसर पर भावधस के प्रदेश अध्यक्ष अरविंद सूद, रविन्द्र पतबाड़ी, संतोष चौटाला, विनोद नेता जी, रोहताश, सुनील सील, संजय धींगान, राकेश चंदेल, ताराचंद मकवाना, सुरेंद्र कुमार सहित बड़ी संख्या में वाल्मीकि समाज के लोग मौजूद रहे।
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