जब जब अनाचार बढता है भगवान को अवतार लेना पड़ता है - श्री प्रभु प्रिया
आज की खबर
देव मणि शुक्ल
नोएडा राठ में चल रही श्री मद्भागवत कथा के चतुर्थ दिवस उज्जैन धाम से पधारी श्री प्रभु प्रिया ने अजामिल का प्रसङ्ग सुनाते हुवे कहा कि जिसने जीवन भर पाप किया हो एक बार भी कभी भगवान का नाम नही लिया हो ऐसा व्यक्ति भी मरते समय अंतिम समय भगवान का नाम लेकर मरे तो उसको भगवान का धाम मिलता है वो कभी स्वप्न में भी यमपुरी के दर्शन नही करता अजामिल ने ब्राह्मण होते हुवे भी गलत कर्म किये परन्तु मरते समय अपने बेटे नारायण का नाम लिया तो उसको भगवान का धाम मिला फिर गजेन्द्र मोक्ष की कथा सुनाई समुद्र मंथन की कथा सुनाते हुवे भगवान के मोहिनी अवतार का वर्णन किया उसके पश्चात प्रभुप्रिया जी ने संक्षिप्त में श्रीराम कथा का वर्णन किया मर्यादा पुरूषोत्तम भगवान की श्रीराम की कथा सुनाई एवम श्री कृष्ण कथा श्रवण कराई और बड़े ही धूम धाम से श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मनाया गया जब जब धरती पर राक्षसों का आतंक बढ़ता है तब तब भगवान अवतार लेकर आते है मथुरा के राजा कंस के आतंक से पृथ्वी माता व्याकुल हो गयी भगवान से प्रार्थना की तब देवकी मैया के अष्टम गर्भ के रूप में साक्षात भगवान नारायण ही कृष्ण रूप में अवतरित हुवे जैसे ही भगवान का प्राकट्य हुआ प्रभुप्रिया जी ने गाया "नंद घर आनन्द भयो जय कन्हैया लाल की" पांडाल में जितने श्रद्धालु बैठे थे सब खुशी से झूम उठे नाचने लगे गाने लगे बड़े ही धूम धाम से कृष्ण जन्मोत्सव मनाया गया ! भागवत की कथा बड़े ही भाग्यो से मिलती है जहाँ कही भी कथा हो कथा सुनने के लिये जाना चाहिए।
Jay ho bahut sunder
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