उड़ान के चंद मिनटों बाद मयडे कॉल… और फिर आग का गोला बन गई एयर इंडिया की फ़्लाइट

भीषण क्रैश और आग का तूफ़ान
‘मयडे’ कॉल के बाद विमान से संपर्क टूट गया और कुछ ही पलों में वह एयरपोर्ट की परिधि से बाहर क्रैश कर गया। चश्मदीदों के अनुसार, हादसे के बाद विमान में भयंकर आग लग गई और आसमान में काले धुएं का गुबार फैल गया। कई यात्रियों की चीखें और जलते विमान का दृश्य आसपास के क्षेत्र में दहशत फैला गया।
कितने लोग थे विमान में सवार?
इस Boeing 787-8 Dreamliner विमान में कुल 242 लोग सवार थे, जिनमें 230 यात्री और 12 क्रू मेंबर शामिल थे। हादसे के बाद राहत और बचाव कार्य तुरंत शुरू कर दिया गया है। हालांकि, कितने लोगों को बचाया जा सका, इस पर अब तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
DGCA ने दी पुष्टि, जांच के आदेश
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय ने पुष्टि की है कि को-पायलट ने ATC को मयडे कॉल दी थी। इस संकेत के बाद विमान से कोई और संपर्क नहीं हो सका। DGCA और अन्य जांच एजेंसियां अब इस दुर्घटना की विस्तृत जांच कर रही हैं। ब्लैक बॉक्स की तलाश की जा रही है, ताकि हादसे की असली वजह सामने लाई जा सके।
आख़िर क्या होता है ‘मयडे’ कॉल?
‘मयडे’ एक अंतरराष्ट्रीय आपातकालीन रेडियो कॉल है, जिसे तब प्रयोग किया जाता है जब पायलट या को-पायलट को लगे कि अब विमान गंभीर खतरे में है — जैसे कि इंजन फेल होना, आग लगना, तकनीकी खराबी, या अन्य खतरनाक स्थिति। यह कॉल तीन बार दोहराई जाती है — “मयडे, मयडे, मयडे” — ताकि इसकी गंभीरता को तुरंत समझा जाए।
स्थानीय प्रशासन और बचाव टीम की कार्रवाई
हादसे के तुरंत बाद फायर ब्रिगेड, पुलिस और मेडिकल टीमें मौके पर पहुंच गईं। कई घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया है। स्थानीय प्रशासन ने आसपास के इलाकों को सील कर दिया है ताकि राहत कार्य में कोई बाधा न आए।
इस दिल दहला देने वाली घटना ने न सिर्फ 242 यात्रियों के परिवारों को चिंता में डाल दिया है, बल्कि यह सवाल भी खड़ा कर दिया है कि क्या विमान की तकनीकी जांच में कोई चूक हुई थी। हादसे की जांच से ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि यह मयडे कॉल महज एक चेतावनी थी या किसी बड़ी चूक का नतीजा।
एयर इंडिया फ्लाइट क्रैश: पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी भी थे 242 यात्रियों में शामिल?
विमान में 169 भारतीय, 53 ब्रिटिश, 1 कनाडाई, 7 पुर्तगाली यात्री थे सवार
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