सेक्टर 82 पाकेट 7 में सैकड़ों छठव्रतियों ने भगवान भास्कर को अर्घ्य प्रदान किया,कल उदीयमान भगवान सूर्य को अर्घ्य प्रदान करने के उपरांत चार दिवसीय छठ महापर्व का होगा समापन



आज की खबर 
देव मणि शुक्ल 

नोएडा कार्तिक शुक्ल षष्ठी को 82 पाकेट 7 में स्थित छठघाट पर लगभग सौ छठव्रतियो ने अस्ताचलगामी भगवान भास्कर को अर्घ्य प्रदान किया।दिन में छठव्रतियों ने गेहूं, घी और शक्कर का ठेकुआ, चावल, घी और शक्कर का लड्डू प्रसाद के लिए बनाया।बांस के बने सूप, डाला, दौरा,टोकरी में सभी प्रकार का प्रसाद रखा गया।प्रसाद के रूप में सेब, केला, नारंगी, अमरूद, डाभ,नाशपाती, नींबू सहित सभी प्रकार का फल,ईख, पानी में फलनेवाला सिंघाड़ा, मूली, सुथनी,अदरख, हल्दी, कच्चा नारियल, चीनी का बना साँचा, घर में बना ठेकुआ, लड्डू, कच्चा धागे का बना बद्धी, सिंदूर, अगरबत्ती आदि रखा गया।सायं काल में सूर्यास्त से पूर्व छठव्रती और उनके परिवार के सदस्य सिर पर प्रसाद सहित सूप, डाला, दौरा,टोकरी लेकर घर से निकलकर छठघाट पर पहुंचे।कई छठव्रती घर से घाटों तक कष्टी देते पहुंचे।यमुना,हिंडन सहित विभिन्न सेक्टरों व गावों में बने तालाब, कृत्रिम तालाब,तरणताल आदि छठघाट के रूप में प्रयोग में लाया गया।सूर्यास्त से पूर्व हाथ में प्रसाद रखा हुआ सूप, डाला, दौरा,टोकरी लेकर छठव्रतियों ने छठघाट में प्रवेश किया और भगवान सूर्य को अर्घ्य प्रदान किया।उनके साथ परिवार के सदस्यों व सभी श्रद्धालुओं ने भगवान भास्कर को जल द्वारा अर्घ्य प्रदान किया।
        छठपूजा करने से छठव्रतियों और उनके परिवार के सदस्यों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं और सभी कष्ट दूर हो जाते हैं।बिहार, पूर्वी उत्तरप्रदेश, झारखंड,बिहार से सटे हुए पश्चिम बंगाल के कई जिलों,हिंदुस्तान और दुनिया के सभी शहरों में छठ पर्व धूमधाम से मनाया जाता है।नेपाल,मॉरिशस, फिजी, सूरीनाम, वेस्टइंडीज,ब्रिटेन, अमेरिका, कनाडा आदि देशों में छठपर्व हर्षोल्लास और पारम्परिक तरीके से मनाया जाता है।यह भगवान सूर्य की उपासना और भक्ति का महान लोकपर्व है।दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद,गुरुग्राम, फरीदाबाद सहित एनसीआर के शहरों में लाखों श्रद्धालु इस महान पर्व को धूमधाम से मनाते हैं।उन्होंने बताया कि हमलोग डूबते सूर्य को अर्घ्य देकर घर के बुजुर्गों को सम्मान देने का संदेश समाज को देते हैं।नदी, तालाब, जल में प्रवेश कर भगवान सूर्य की पूजा कर प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हैं।यह पर्व परिवार के सभी सदस्यों को एक साथ इकट्ठा कर सामाजिक एकता का संदेश देता है।हिन्दू, मुस्लिम सहित सभी जातियों के लोग इस महान पर्व को मनाते हैं।यह पर्व साम्प्रदायिक व सामाजिक एकता व भाईचारे का महापर्व है।
            
   अर्घ्य अर्पित करने के उपरांत छठव्रती छठघाट पर बने सूर्यपिंड(श्रीसोप्ता) के निकट बैठकर भगवान भास्कर और छठमाता की पूजा-अर्चना करेंगे।पूजा के उपरांत छठव्रतियों द्वारा पारण किया जायेगा।छठव्रतियों द्वारा प्रसाद ग्रहण करने के बाद घर के सभी सदस्य, पड़ोसी और अन्य लोग प्रसाद ग्रहण करेंगे।इसके साथ ही चार दिवसीय छठपूजा का समापन हो जायेगा।
इस मौके पर शैलेन्द्र मिश्रा, गोरे लाल, विजय कुमार झा, शिव चौधरी, पंकज झा, मुरारी झा, बलराम कर्ण, रवि राघव, अनूप सिंह, हरि शंकर सिंह, दिनेश पाठक, अंगद सिंह तोमर, संजय पांडेय, दीपक तिवारी, विकास कुमार, बी के भारद्वाज, रमेश चंद्र शर्मा, रमेश कुमार वर्मा, सुशील पाल, नवल किशोर मिश्र, जितेन्द्र सिंह, विकास शर्मा, विष्णु शर्मा, देवेंद्र गुप्ता, अनिल कुमार शर्मा, अवनीश तिवारी, उमाकांत त्रिवेदी,उत्तम चंद्रा विवेक कुमार सिंह आदि गणमान्य लोग उपस्थित थे।
      

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

बी डी इंटरनेशनल स्कूल में दसवीं के छात्रों की विदाई समारोह सम्पन्न

यमुना नदी डूब क्षेत्र के जरूरतमंदों के लिए नेकी का डब्बा फाउंडेशन का सहयोगी अभियान सफल

पाकेट 7 सेक्टर 82 में कुत्तों का आतंक