नौएडा प्राधिकरण में हो लोकपाल की नियुक्ति-- डॉ. योगेन्द्र नारायण
आज की खबर
देव मणि शुक्ल
नौएडा सिटीजन फोरम के चेयरमैन डॉ. योगेन्द्र नारायण जी (पू. IAS, पू. रक्षा सचिव, पू. महासचिव राज्यसभा एवं पूर्व मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश सरकार) की अगुआई में 'नोएडा मीडिया क्लब' में प्रेस कांफ्रेंस आयोजित की गयी, जिसमें NCF की संरक्षक श्रीमती शालिनी सिंह, अध्यक्ष डॉ एम. के. अग्रवाल, कार्यकारी अध्यक्ष श्रीमती इंद्राणी मुखर्जी, सेक्रेटरी जनरल श्री प्रशांत त्यागी, कोषाध्यक्ष राहुल मुंद्रा, सचिव गरिमा त्रिपाठी, अंकित अरोरा, कमल सिंह, राजश्री गुप्ता तथा रेणु बाला शर्मा इत्यादि की उपस्थिति रही।
नौएडा शहर में कई ज्वलनशील मुद्दे हैं जिनके समाधान के लिये यहां के नागरिक काफी समय से प्राधिकरण की बाट जोह रहे हैं। नौएडा सिटीजन फोरम भी लगातार हर स्तर पर यहां की जनता से जुड़े मुद्दे उठाता रहा है, किन्तु कहीं भी आशा की किरण नहीं दिखाई देती। आज फोरम इन सभी पर पुनः सरकार का ध्यान आकर्षित करता है:
*1. गैर-निर्धारित/आबादी क्षेत्रों में स्थित डंपिंग स्थलों पर बढ़ती आग की घटनाएं:*
वर्ष भर अनियमित डंपिंग साइट्स पर कचरे में बार-बार आग लगने की घटनाएं सामने आती हैं, इससे पर्यावरण, नागरिकों के स्वास्थ्य और वायु गुणवत्ता पर गंभीर प्रभाव होते हैं।
इस सम्बंध में नौएडा विधायक पंकज सिंह जी ने भी प्राधिकरण को सख्त दिशा-निर्देश दिये थे, बावजूद इसके पूरे साल ही घटनायें हो रही हैं। NCF इस विषय पर ठोस कार्य योजना बनाने की मांग करता है।
*2. लोकपाल की नियुक्ति:*
प्राधिकरणों में व्याप्त भ्रष्टाचार रोकने के लिए अलग अथॉरिटी में लोकपाल की नियुक्ति की मांग करता है। जो कि स्वतन्त्र रूप से कार्य कर सके, जो कि सेवानिवृत्त जज हों।
फोरम लगातार इसके लिए मांग करता रहा है; 15 अप्रैल 2025 को प्राधिकरण के CEO को पदाधिकारियों द्वारा व्यक्तिगत रूप से पत्र भी सौंपा गया।
अगस्त 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने भी भ्रष्टाचार और बिल्डर-अधिकारी गठजोड़ पर कड़ी टिप्पणी करते हुए
मुख्य सतर्कता अधिकारी (IPS या CAG कैडर से) की नियुक्ति के आदेश दिए हैं। इसके साथ ही नई SIT तथा नागरिक सलाहकार बोर्ड बनाने के निर्देश भी दिए हैं। किंतु अभी तक इस पर कोई भी कार्यवाही नहीं हुई है।
NCF उपर्युक्त आदेशों को तत्काल प्रभाव से लागू करने की मांग करता है।
*3. विभिन्न क्षेत्रों में अनधिकृत/अवैध निर्माण पर रोक:*
सलारपुर, सेक्टर 81, महागुन मेज़ारिया सेक्टर 78 के आस-पास, महर्षि आश्रम इलाके तथा हिंडन नदी के बाढ़ क्षेत्र में अवैध निर्माण लगातार बढ़ रहे हैं।
ऐसे निर्माण कार्यों पर तत्काल कार्रवाई, ज़िम्मेदारी तय करने और भविष्य में रोकथाम के लिए मजबूत नीति आवश्यक है।
*4. नौएडा में रजिस्ट्री संकट और अवैध अन-रजिस्टर्ड फ्लैट बिक्री पर तात्कालिक कार्रवाई की मांग:*
नौएडा के हज़ारों घर-खरीददार पूरी रकम चुकाने के बावजूद अब तक रजिस्ट्री से वंचित हैं। बिल्डरों के नौएडा प्राधिकरण के प्रति हज़ारों करोड़ रुपये केबकाये के कारण रजिस्ट्री वर्षों से अटकी हुई है। इसके साथ ही कई बिल्डरों द्वारा अन-रजिस्टर्ड फ्लैटों की अवैध बिक्री और ट्रांसफर ने संकट को और गहरा कर दिया है।
मुख्य बिंदु:
1. हज़ारों फ्लैटों की रजिस्ट्री लंबित है, खरीदार कानूनी स्वामित्व से वंचित।
2. बिल्डरों द्वारा ₹15–30 लाख तक मनमाना ट्रांसफर चार्ज, एग्रीमेंट में बदलाव और नियमों का दुरुपयोग।
3. प्राधिकरण के नोटिस व निर्देशों का ज़मीनी असर शून्य है।
इस संबंध में नौएडा सिटीजन फ़ोरम की प्रमुख मांगें:
1. सभी पूर्ण-भुगतान वाले फ्लैटों की तत्काल रजिस्ट्री शुरू की जाए।
2. बिल्डरों द्वारा अन-रजिस्टर्ड फ्लैटों की अवैध बिक्री व ट्रांसफर पर तुरंत रोक लगे।
3. बिल्डरों के बकाये, दोषियों के नाम और प्रोजेक्ट-वाइज रजिस्ट्री स्थिति सार्वजनिक की जाए।
4. हर वास्तविक खरीदार को कानूनी स्वामित्व की गारंटी प्रदान की जाए।
“हज़ारों- हजार मध्यमवर्गीय परिवारों, वरिष्ठ नागरिकों और नौकरीपेशा खरीदारों ने अपनी जीवन भर की कमाई घर की उम्मीद में लगाई है। पूरी रकम के बाद भी रजिस्ट्री एवं मालिकाना हक न मिलना न सिर्फ़ अन्याय है, बल्कि अस्वीकार्य है। फोरम की मांग है इस मुद्दे को शीर्ष प्राथमिकता देकर त्वरित कार्यवाही और राहत सुनिश्चित की जाए।”
*5.हाई-राइज़ इमारतों के लिये फायर सेफ्टी संसाधनों की कमी:*
नौएडा के कई सोसाइटियों/ टावरों की ऊंचाई के हिसाब से अग्निशमन विभाग के पास पर्याप्त संसाधन, फायर सेफ़्टी के आधुनिक उपकरणों, हाइड्रेंट सिस्टम, रेस्क्यू सुविधाओं तथा जनशक्ति इत्यादि का अभाव है।
किसी आपातकालीन परिस्थिति में कौन जिम्मेदार होगा?
इस गंभीर समस्या की ओर नौएडा प्राधिकरण का ध्यान बिल्कुल भी नहीं है।
NCF तात्कालिक प्रभाव से अग्निशमन विभाग के लिए निवेश, उपकरण अपग्रेड और कठोर अनुपालन नीति की मांग करता है।
*6. नागरिक चार्टर एक्ट को स्पष्ट एवं सख्ती से लागू करने की मांग:*
सेवाओं/ कार्यों की समय-सीमा, अधिकारियों की जवाबदेही और नागरिकों के अधिकार स्पष्ट करने हेतु अद्यतन Citizen Charter को और बेहतर रूप में तत्काल लागू किया जाए।
नौएडा अथॉरिटी के हर विभाग के अधिकारियों के कार्यालयों के बाहर सिटीजन चार्टर का स्थाई बोर्ड बनाकर लगाए जाएं जिनमें उनके मोबाइल नंबर भी अंकित हों ताकि वह जनता की समस्याओं का त्वरित निराकरण किया जा सके।
*7. शिकायत निवारण प्रणाली को सुव्यवस्थित एवं सुदृढ़ करने की मांग:*
IGRS की भांति नोएडा के लिए भी प्राधिकरण द्वारा शिकायत निवारण पोर्टल की शुरुआत की जाए ताकि मॉनिटरिंग, ट्रैकिंग और फॉलो-अप सिस्टम को तकनीकी रूप से मजबूत किया जा सके और तब तक ट्विटर और RTI जैसे अन्य प्लेटफ़ॉर्म पर की गई शिकायतों का त्वरित और प्रभावी समाधान किया जाए।
हर शिकायत के निपटान एवं समय सीमा की जिम्मेदारी तय हो।
*8. धारा 10 से जुड़े लंबित प्रकरणों का समाधान:*
इसके नाम पर आम जनता को परेशान किया जा रहा है। प्राधिकरण में धारा 10 से जुड़े मामलों का निपटान अत्यंत धीमा है। इस प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध किया जाए।
*9. सड़कों पर बढ़ती भिक्षावृत्ति की समस्या:*
प्रमुख चौराहों पर भिक्षावृत्ति बढ़ने से यातायात, सुरक्षा और नागरिक सुविधा प्रभावित होती हैं।
इनके लिए पुनर्वास, आश्रय और सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रमों की आवश्यकता है। इस आशय से संबंधित पत्र भी फोरम के पदाधिकारी प्राधिकरण के CEO को दे चुके हैं।
इस सम्बंध में NCF एक कमेटी के गठन की मांग करता है जो समयानुकूल रूप से इसका व्यावहारिक समाधान दे सके।
*10. ई रिक्शा पर ठोस प्रबंधन नीति अति आवश्यक:*
शहर में हर जगह ई रिक्शा का अतिक्रमण गंभीर समस्या का रूप ले चुका है। ट्रैफिक पुलिस व प्राधिकरण एक-दूसरे पर इसकी जिम्मेदारी डालते रहते हैं। इस संबंध में नौएडा सिटीजन फोरम एक ठोस कार्य योजना बनाए जाने एवं विशिष्ट प्रबंधन की मांग करता है।
सुझाव: सभी ई रिक्शा का रजिस्ट्रेशन हो, ड्राइवर का लाइसेन्स भी आवश्यक हो एवं सभी क्षेत्रों में इनके लिए पार्किंग जोंस की व्यवस्था हो।
*11.शहर व गांवों में दयनीय सफाई व्यवस्था:*
कई सेक्टरों और गांवों में कचरा संग्रहण, सड़क सफाई और नालियों के रख-रखाव की स्थिति अत्यंत खराब है।
सफाई व्यवस्था को आधुनिक उपकरण, मानवबल और निगरानी तंत्र के साथ मजबूत किया जाए।
*12. लाचार विद्युत व्यवस्था:*
नौएडा आधुनिक शहर है और नो कट जोन में होने के बावजूद आवासीय सेक्टरों, औद्योगिक क्षेत्रों व गावों में अत्यधिक कटौती होती है। केबल तार पुराने हो चुके हैं, पेड़ों की छँटाई का कोई रोस्टर निर्धारित नहीं तथा पेड़ों की छँटाई से उनका सौंदर्य और स्वरूप भी खराब कर दिया जाता है। इस संबंध में NCF केबल भूमिगत करने की मांग करता है।
*13. ठोस जल प्रबंधन की आवश्यकता:*
शहरीकरण की तेज़ रफ़्तार को देखते हुए पानी की उपलब्धता और गुणवत्ता दोनों पर दबाव बढ़ रहा है। इसलिए वर्षा जल संचयन, भू-जल पुनर्भरण, पाइपलाइन लीकेज नियंत्रण और पुनर्चक्रित जल के उपयोग जैसी आधुनिक व्यवस्थाओं को अपनाना अनिवार्य है, ताकि आने वाले वर्षों में जल संकट न उत्पन्न हो। साथ ही बिल्डर्स को NOC देने के पहले पूरी प्रोजेक्ट क्षमता का कनेक्शन लेना अनिवार्य किया जाए।
*14. बदहाल सीवर व्यवस्था:*
कई सेक्टरों में सीवर लाइनों के जाम, टूट-फूट और ओवरफ्लो की समस्या लगातार बनी हुई है, जिससे स्वच्छता, स्वास्थ्य और पर्यावरण पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। समयबद्ध मरम्मत, वैज्ञानिक सफाई प्रणाली और नियमित निगरानी से इस समस्या का स्थायी समाधान किया जा सकता है।
*15. प्राधिकरण की बोर्ड बैठकों में जनप्रतिनिधियों व सिविल सोसाइटी को शामिल करने की मांग:*
महत्वपूर्ण नीतिगत निर्णयों में पारदर्शिता और जनभागीदारी सुनिश्चित करने के लिए नागरिक प्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों को बोर्ड बैठकों में शामिल किया जाना आवश्यक है। इससे निर्णय वास्तविक ज़मीनी जरूरतों पर आधारित होंगे और जनता का विश्वास भी बढ़ेगा।
NCF पुरजोर और प्रभावी रूप से इसकी मांग करता है।
*नौएडा सिटीजन फोरम का संकल्प:*
फोरम का उद्देश्य नागरिक हितों की रक्षा करते हुए शहर के विकास में रचनात्मक भागीदारी को बढ़ावा देना है। यह फोरम प्रशासन के साथ संवाद स्थापित करते हुए स्वच्छ, सुरक्षित, सुशासित और पर्यावरण-संतुलित नोएडा के निर्माण के लिए निरंतर प्रयासरत रहने का संकल्प लेता है। इसके साथ ही नौएडा को पारदर्शी प्रशासन, बेहतर शहरी प्रबंधन और नागरिक-केंद्रित व्यवस्था दिलाना है।
हम आशा करते हैं कि सरकार इन मुद्दों का संज्ञान लेकर तत्काल और प्रभावी रूप से कार्रवाई करेगी।
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