पेंशन बढ़ाने से बुजुर्गों की जिंदगी होगी खुशहाल - अजीत सिंह
आज की खबर
देव मणि शुक्ल
नोएडा आगामी यूनियन बजट से लगभग सत्तर लाख नौकरी से रिटायर्ड बजुर्ग व्यक्ति यह उम्मीद लगा कर बैठे हैं की उनकी जो मिमिमम EPF की पेंशन जा रही है इस समय केवल रुपए १०००/मात्र हैं। उस राशि को बड़ा कर Rs 7500/ हो जानी चाहिए ताकि देश के बजुर्ग भाई बहनों ने अपने नौकरी के सेवा कल में देश के उन्नति के लिए जो योगदान दिया है और वह अब सम्मान पूर्वक जी सके और अन्य व्यक्ति पर्व आश्रित न हो कर न जीवन निर्वाह न करना पड़े।लगभग दस वर्ष से ऐसे उम्मीद लगा कर बैठे हैं और देश के कोने कोने में संघर्ष भी हो रहा है । श्रम मंत्रालय को इसकी चिंता करनी चाहिए और इस वर्ष बजट में लाखों बजुर्ग लोगों की मांग स्वीकार कर लेनी चाहिए।जो नौजवान आज प्राइवेट क्षेत्र में आज नौकरी कर रहे हैं यह उन के भी सेवा निवृत होने के पश्चात कलवण के योजना बनेगी।हम लोग केवल अपनी इस छोटी से मांग को पूरा करने की आशा लगा कर बैठे हैं।इस विषय पर समय समय पर देश के अनेकों संसद सदस्यों ने संसद में भी अनेकों बार बजुर्ग ईपीएफ पेंशनर्स के न्यूनतम पेंशन के मानव को लेकर बहुत हे मजबूती सबमन जी को दोहराया लेकिन आंदोलन करो ईपीएफ पेंशनर्स के लीडर्स को केवल मुहांकिखानी पड़ी।जबकि इस पेंशन के बढ़ोतरी का संघर्ष को लगभग सात आठ वर्ष होने वालेभैन।हर वर्ष का बजट सेशन उम्मीद हे में हे बीत जाता है।कई लाखों आंदोलन के समय से अपने वैकुंठ धाम तक चले गए।यही समस्या आने वाले समय में रिटायर्ड होने वाले व्यक्तियों को भी फेस करनी पड़ेगी।इस स्कीम को जिस उद्देश्य से बनवाया गया था कि कर्मचारी अपनी नौकरी से रिटायर होने के पश्चात सब की जिंदगी ठीक हो सकेगा लेकिन इस स्कीम के गणना क्वात्रिक गलत था जिससे रिटायरमेंट के पश्चात व्यक्तियों को अपने गुजारे के लिए एक छोटा सा अंश ही नहीं मिल पाता है।बढ़ती हुई महंगाई में एक हजार रुपए का कुछ भी योग नहीं मिल पाता है। वित्त मंत्रालय से लाखों ईपीएफ पेंशनर्स के बिहैफ से अनुरोध करता हूं कि उनकी उम्मीद को और आगे बढ़ाया जाए क्योंकि मंत्रियों के पद सदा बदलते रहते है और किसी का पद स्थाई नहीं है।आज के समय में एक बार डॉक्टर के पास जाना पड़ जावे तो एक हजार रुपए से ज्यादा तो डॉक्टर ही ले जाता है।लगभग 14 साल हो गए जब आदरणीय प्रधान मंत्री जी ने न्यूनतम पेंशन रुपए एक हजार किए थे और बारह साल बाद तो उसका बढ़ती हुई महंगाई के अनुरूप बढ़ना बनता है और ईपीएफ ऑर्गेनाइजेशन सब से धन वाली संस्था है और इसका धन हर माह बढ़ता हे रहता है ।
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