डा.अभिषेक ने लिगामेंट चोट के कारण लक्षण व उपाय को लेकर कार्यशाला


आज की खबर 
देव मणि शुक्ल 

 नोएडा।  गौड़  सिटी निवासी  डॉ.अभिषेक गर्ग ने कार्यशाला के दौरान  लिगामेंट चोट के कारण लक्षण व  उपाय पर चर्चा की  डॉ अभिषेक गर्ग  ने बताया कि लिगामेंट क्या है और उसके कार्य क्या है,लिगामेंट एक मजबूत रेशेदार धागे नुमा ऊतकों की बनी  पटि्टयां है ।जो एक हड्डी को दूसरी हड्डी से जोड़ती , जिसे जोड़ों को स्थिरता मिलती है।
 लिगामेंट का कार्य
 गतिविधियों के दौरान अत्यधिक हिलने- डुलने से रोकना हैं ।यह जोड़ों की सही गतिसीमा बनाए रखता है, कॉलेजन नामक प्रोटीन इसे मजबूती प्रदान करते हैं, इलाक्टिन फाइबर इन्हें लचीलापन प्रदान करता है।
लिगामेंट इंजरी ज्यादातर खिलाड़ियों में हुआ करती थी अब  बच्चे भी शिकार हो रहे हैं और महिलाएं भी फिटनेस की कमी फिट न होने के कारण अक्सर यह जोरदार गतिविधियों  के दौरान चोट का शिकार हो जाते हैं खासकर यदि वे वार्म अप या स्टिचिंग नहीं करते हैं।
 अचानक गिरने या फिसलने से खेलकूद की गतिविधियां अचानक मोड़ने या दिशा बदलने से ,किसी दुर्घटना अत्यधिक परिश्रम, तनाव की स्थिति में घर में चलते-चलते अचानक फिसलने या गिरने झटका या दुर्घटनाएं और गलत तरीके से किए जाने वाले शारीरिक कार्य से जोड़ों को नुकसान पहुंचता है और लिगामेंट पर असामान्य चोट लग जाती है।
हल्की चोटिया मोच एक से दो हफ्ते में ठीक हो जाती है इसमे बर्फ का रोज सेक करते रहें।
 जो  चोट ज्यादा होती है उन्हें 3 से 6 हफ्ते का समय लगता है। 
 पूरी तरीके से फटे हुए लिगामेंट को ठीक करने में  6 महीने से 12 महीने तक का समय लगता है।
लिगामेंट पूरी तरीके से फट जाता है तो इसमें सर्जरी की आवश्यकता होती है सर्जरी के बाद लिगामेंट  पूरी तरीके से ठीक होने में 6से12 महीने का समय लग जाता है ।
सर्जरीके बाद पहले 48 घंटे तक जितना हो सके आराम करें और पैर पर वजन ना डालें।
 धीरे-धीरे सामान्य गतिविधियां फिजियोथेरेपी से ठीक की जाती हैं।  सूजन और दर्द होता है  20मिनट तक हर दो घंटे में बर्फ की सिकाई करें।
सूजन कम करने के लिए लेटते समय अपने पैर को थोड़ा सा ऊपर उठा कर रखें। पैर  के नीचे तकिया रख कर लेटे।
 नए ऊतक बनने में कुछ समय लगता है और इसकी मजबूती प्रदान करने के लिए फिजियोथैरेपी डॉक्टर के द्वारा किराए गए व्यायाम, एक्सरसाइज ,स्टिचिंग जो डॉक्टर अपनी मार्गदर्शन में ही करते हैं ,मांसपेशियों को मजबूत बनाना उसमें स्टिचिंग हल्के-फुल्की व्यायाम हल्की-फुल्की कसरतें करते हैं।
 प्रोकबड्डी लीग में पटना पाइरेट्स और गुजरात जेंट्स के हेड फिजियो भी रह चुके अभिषेक कई स्पोर्ट्स टीम के साथ जुड़े हुए है। स्पोर्ट्स फिजियोथेरेपिस्ट है।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

बी डी इंटरनेशनल स्कूल में दसवीं के छात्रों की विदाई समारोह सम्पन्न

यमुना नदी डूब क्षेत्र के जरूरतमंदों के लिए नेकी का डब्बा फाउंडेशन का सहयोगी अभियान सफल

पाकेट 7 सेक्टर 82 में कुत्तों का आतंक