श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन भगवान श्री कृष्ण की बाल लीलाओं का मार्मिक बर्णन हुआ
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देव मणि शुक्ल
नोएडा सेक्टर 34 सामुदायिक केंद्र में श्रीमद्भागव तृतीय दिवस पर कथा सप्ताह महोत्सव के अंतर्गत आज कथा व्यास पूज्य पंडित पूरन चन्द्र पांडेय यशस्वी जी महाराज द्वारा विभिन्न दिव्य प्रसंगों का अत्यंत भावपूर्ण वर्णन किया गया, जिससे श्रद्धालु भक्तगण भक्ति एवं ज्ञान से अभिभूत हो उठे।
कथा में शुक्रदेव द्वारा राजा परीक्षित को भगवान के विराट स्वरूप का विस्तृत वर्णन करते हुए निरंतर भगवान के ध्यान में लीन रहने का उपदेश दिया गया। साथ ही ब्रह्मा जी द्वारा नारद जी को चतुश्लोकी भागवत के माध्यम से सृष्टि के रहस्य एवं क्रम का विस्तारपूर्वक निरूपण किया गया।
भगवान श्रीकृष्ण की सरलता और भक्तवत्सलता का वर्णन करते हुए बताया गया कि उन्होंने विदुर जी की कुटिया में साग ग्रहण कर उन्हें कृतार्थ किया। इसके अतिरिक्त ब्रह्मा जी द्वारा सनकादि सहित दस पुत्रों की उत्पत्ति एवं उनके द्वारा सृष्टि विस्तार की आज्ञा का पालन न करने का प्रसंग भी सुनाया गया।
पृथ्वी के उद्धार हेतु भगवान द्वारा वराह अवतार धारण कर हिरण्याक्ष का संहार कर धरा को पुनः स्थापित करने की कथा ने सभी को भावविभोर कर दिया। आगे कर्दम ऋषि एवं देवहूति जी के विवाह तथा भगवान कपिल जी के अवतरण का वर्णन किया गया, जिसमें कपिल जी ने अपनी माता को भगवत प्राप्ति का मार्ग बताया।
बालक ध्रुव की कठोर तपस्या एवं अटूट भक्ति के माध्यम से भगवान को प्राप्त कर ध्रुवलोक की प्राप्ति का प्रेरणादायक प्रसंग भी सुनाया गया, जिसने उपस्थित जनसमूह को भक्ति मार्ग पर अग्रसर होने की प्रेरणा दी।
अंत में राजा प्रियव्रत द्वारा पृथ्वी को सात द्वीपों में विभाजित करने, खगोलीय ज्ञान तथा विभिन्न नरकों के विस्तृत वर्णन का भी उल्लेख किया गया।
इस अवसर पर प्रवीन शर्मा, प्रमोद शर्मा,नंद कुमार यादव,एस. के. सिंघल, वेद प्रकाश तिवारी, आर पी तिवारी, शशिकांत शर्मा, यस पी चमोली, जगदीश जोशी, मनीष दीक्षित, सुलेखा ध्यानी, संगीता सिंह, सिमरन, नीलम जोशी, ऋतु उपाध्याय, नीतू ढाका, पुष्पा भारद्वाज, प्रेमा लखचौरा, अरुणा रावत, सहित अनेक श्रद्धालु भक्तगण उपस्थित रहे।
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