ओखला पक्षी अभयारण्य बना पर्यावरण जागरूकता का केंद्र — वाईएसएस फाउंडेशन की "प्रकृति की सैर" ने अंतरराष्ट्रीय जैव विविधता दिवस पर स्थानीय युवाओं को प्रकृति के साथ जोड़ा
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देव मणि शुक्ल
नोएडा ओखला में आयोजित इस कार्यक्रम में 40 से अधिक छात्र, युवा और पर्यावरण प्रेमी शामिल हुए और उन्होंने पक्षियों, पारिस्थितिकी तंत्र और मानव गतिविधियों के प्रभावों पर निर्देशात्मक वॉक एवं सत्रों के माध्यम से गहन समझ हासिल की।
कार्यक्रम का संचालन वन विभाग, गौतम बुद्ध नगर के मार्गदर्शन में हुआ और गलगोटियास एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस के पर्यावरण कानून एवं स्थिरता अनुसंधान केंद्र ने सहयोग प्रदान किया। वाईएसएस फाउंडेशन के अध्यक्ष सचिन गुप्ता ने कहा, "जब युवा प्रकृति से जुड़ते हैं, तभी संरक्षण का असली आधार बनता है। जैव विविधता हमारी सेहत, खाद्य‑सुरक्षा और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ी है।"
विशेष अतिथि इम्तियाज़ अहमद (गिव मी ट्रीज़ ट्रस्ट) और विक्रांत तोंगर (सेफ ट्रस्ट) ने प्रतिभागियों को व्यावहारिक संदेश दिए — "जल बचाओ", "प्लास्टिक मुक्त जीवनशैली अपनाओ" और "प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करो" — तथा छोटे, नियमित कदम उठाने के लिए प्रेरित किया। आयोजकों ने बताया प्रतिभागियों ने तुरंत प्लास्टिक‑कटौती और पेड़ रोपण जैसी प्रतिबद्धताएँ कीं।
वाईएसएस फाउंडेशन ने यह कार्यक्रम अपने लगातार चल रहे अभियानों — "जल है तो कल है" और "स्वच्छ यमुना मिशन" — की कड़ी बताते हुए अगले तीन महीनों में सामुदायिक प्लास्टिक‑मुक्त पहलों, पेड़ देखभाल और जल‑संरक्षण गतिविधियों के लिए सार्वजनिक भागीदारी का आह्वान किया।
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